संसद के विश्रांतिकाल में अध्यादेश प्रख्यापित करने की राष्ट्रपति की शक्ति
त्वरित सारांश (TL;DR)
अनुच्छेद 123 (संसद के विश्रांतिकाल में अध्यादेश प्रख्यापित करने की राष्ट्रपति की शक्ति): संविधान के Part V के अंतर्गत वैधानिक एवं संवैधानिक प्रावधान।
सरल नागरिक भाषा में अर्थ
संविधान के Part V में स्थित अनुच्छेद 123 'संसद के विश्रांतिकाल में अध्यादेश प्रख्यापित करने की राष्ट्रपति की शक्ति' के संबंध में स्पष्ट संवैधानिक नियम और प्रक्रियात्मक सीमाएं निर्धारित करता है।
प्रमुख संवैधानिक उपबंध एवं बिंदु
संवैधानिक प्रावधान (अनुच्छेद 123): Part V के अंतर्गत 'संसद के विश्रांतिकाल में अध्यादेश प्रख्यापित करने की राष्ट्रपति की शक्ति' के लिए बाध्यकारी कानूनी नियम तय करता है
इसमें 3 खंड (Clauses) व 2 उप-खंड के माध्यम से स्पष्ट प्रक्रिया तय की गई है
मनमाने प्रशासनिक आदेशों के बजाय संसद की लोकतांत्रिक प्रक्रिया और जवाबदेही को अनिवार्य बनाता है
अपवाद एवं युक्तियुक्त निर्बंधन (सीमाएं)
अनुच्छेद 123 के तहत प्रयोग की जाने वाली सभी शक्तियां संविधान की सीमाओं और उच्च न्यायालय व सर्वोच्च न्यायालय की न्यायिक समीक्षा के अधीन हैं।
दैनिक जीवन में यह क्यों महत्वपूर्ण है?
यह सुनिश्चित करता है कि Part V के अंतर्गत शासन व्यवस्था किसी की मनमानी से नहीं, बल्कि संविधान के स्थापित नियमों से चले।
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