आपातकालीन नागरिक हेल्पलाइन

अनुच्छेद 141 Part V

उच्चतम न्यायालय द्वारा घोषित विधि का सभी न्यायालयों पर आबद्धकर होना

त्वरित सारांश (TL;DR)
सुप्रीम कोर्ट द्वारा घोषित कानून सभी पर बाध्यकारी: सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिया गया प्रत्येक फैसला और संवैधानिक दिशानिर्देश पूरे भारत के सभी न्यायालयों, पुलिस थानों और सरकारी दफ्तरों पर कानून की तरह लागू होता है।
अनुच्छेद 141 घोषणा करता है कि 'उच्चतम न्यायालय द्वारा घोषित विधि भारत के राज्यक्षेत्र के भीतर सभी न्यायालयों पर आबद्धकर (Binding) होगी।' इसी अनुच्छेद की शक्ति से सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले—जैसे डी.के. बसु के गिरफ्तारी नियम, अर्नेश कुमार के जमानत नियम, ललिता कुमारी का अनिवार्य FIR नियम या बुलडोजर कार्रवाई पर रोक—देश के हर थाने, तहसील और निचली अदालत पर कानून की तरह तुरंत लागू होते हैं।
किसी भी थाने या मजिस्ट्रेट के सामने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों (जैसे अनिवार्य FIR के लिए ललिता कुमारी केस) का सीधा हवाला देने का अधिकार
पूरे देश में मौलिक अधिकारों की एक समान कानूनी व्याख्या और सुरक्षा
सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों की अवहेलना करने वाले अफसरों पर 'अदालत की अवमानना' (Contempt of Court) की कार्रवाई कराने का हक
अनुच्छेद 141 सभी निचली अदालतों और हाईकोर्टों पर लागू होता है, लेकिन स्वयं सुप्रीम कोर्ट की बड़ी पीठ (Larger Bench) समय के साथ अपने पुराने फैसलों में सुधार कर सकती है।
जब एक आम नागरिक थाने में कहता है कि "सुप्रीम कोर्ट के ललिता कुमारी फैसले के तहत आप गंभीर अपराध में मेरी FIR लिखने से मना नहीं कर सकते"—तो अनुच्छेद 141 ही आपके उन शब्दों को कानून की ताकत देता है।
और गहराई से पढ़ना चाहते हैं? आधिकारिक राजपत्रित मूल पाठ या सुप्रीम कोर्ट निर्णय व संविधान सभा बहस देखें:
Copied to clipboard!
EN-IN • STUDIO VOICE
Preparing studio neural voice...