कुछ संघ राज्यक्षेत्रों के लिए विनियम बनाने की राष्ट्रपति की शक्ति
त्वरित सारांश (TL;DR)
अनुच्छेद 240 (कुछ संघ राज्यक्षेत्रों के लिए विनियम बनाने की राष्ट्रपति की शक्ति): भाग VIII के तहत केंद्र शासित प्रदेशों (दिल्ली एनसीटी सहित) के प्रशासन, विधानसभा व उच्च न्यायालय के नियम।
सरल नागरिक भाषा में अर्थ
संविधान के भाग VIII (संघ राज्यक्षेत्र / केंद्र शासित प्रदेश) का अनुच्छेद 240 'कुछ संघ राज्यक्षेत्रों के लिए विनियम बनाने की राष्ट्रपति की शक्ति' का उपबंध करता है। यह प्रशासकों/उपराज्यपालों के माध्यम से केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन, पुडुचेरी (239A) व राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (239AA) में निर्वाचित विधानसभा व मंत्रिपरिषद, तथा केंद्र शासित प्रदेशों के लिए हाई कोर्ट (241) की व्यवस्था तय करता है।
प्रमुख संवैधानिक उपबंध एवं बिंदु
संवैधानिक प्रावधान (अनुच्छेद 240): Part VIII के अंतर्गत 'कुछ संघ राज्यक्षेत्रों के लिए विनियम बनाने की राष्ट्रपति की शक्ति' के लिए बाध्यकारी कानूनी नियम तय करता है
इसमें 3 खंड (Clauses) व 5 उप-खंड तथा स्पष्ट संवैधानिक शर्तें (Provisos) दी गई हैं
मनमाने प्रशासनिक आदेशों के बजाय संसद की लोकतांत्रिक प्रक्रिया और जवाबदेही को अनिवार्य बनाता है
अपवाद एवं युक्तियुक्त निर्बंधन (सीमाएं)
सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ (NCT दिल्ली बनाम भारत संघ, 2018 व 2023) के अनुसार निर्वाचित विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेशों में लोकतांत्रिक जवाबदेही का सम्मान अनिवार्य है।
दैनिक जीवन में यह क्यों महत्वपूर्ण है?
यह केंद्र शासित प्रदेशों के निवासियों के लोकतांत्रिक अधिकारों और राष्ट्रीय प्रशासनिक समन्वय के बीच संतुलन बनाता है।
और गहराई से पढ़ना चाहते हैं? आधिकारिक राजपत्रित मूल पाठ या सुप्रीम कोर्ट निर्णय व संविधान सभा बहस देखें: