पंचायतों की अवधि आदि (5 वर्ष का कार्यकाल)
त्वरित सारांश (TL;DR)
अनुच्छेद 243E (पंचायतों की अवधि आदि (5 वर्ष का कार्यकाल)): 73वें संविधान संशोधन (भाग IX) के तहत ग्राम पंचायत और ग्रामीण स्वशासन का संवैधानिक प्रावधान।
सरल नागरिक भाषा में अर्थ
73वें संविधान संशोधन (1992) द्वारा जोड़े गए भाग IX (पंचायतें) का अनुच्छेद 243E 'पंचायतों की अवधि आदि (5 वर्ष का कार्यकाल)' से संबंधित है। यह ग्राम सभा, त्रिस्तरीय पंचायतों के गठन, महिलाओं व SC/ST के लिए सीटों के आरक्षण, 5 वर्ष के निश्चित कार्यकाल, राज्य वित्त आयोग या राज्य निर्वाचन आयोग के माध्यम से निष्पक्ष पंचायत चुनावों को संवैधानिक गारंटी देता है।
प्रमुख संवैधानिक उपबंध एवं बिंदु
संवैधानिक प्रावधान (अनुच्छेद 243E): Part IX के अंतर्गत 'पंचायतों की अवधि आदि (5 वर्ष का कार्यकाल)' के लिए बाध्यकारी कानूनी नियम तय करता है
इसमें 7 खंड (Clauses) व 2 उप-खंड तथा स्पष्ट संवैधानिक शर्तें (Provisos) दी गई हैं
अनुच्छेद 243E के उल्लंघन में की गई किसी भी प्रशासनिक कार्रवाई को हाई कोर्ट (अनुच्छेद 226) या सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है
अपवाद एवं युक्तियुक्त निर्बंधन (सीमाएं)
अनुच्छेद 243E के अनुसार यदि कोई पंचायत समय से पहले भंग की जाती है, तो 6 महीने के भीतर नया चुनाव कराना संवैधानिक रूप से अनिवार्य है।
दैनिक जीवन में यह क्यों महत्वपूर्ण है?
यह गांव के नागरिकों को 11वीं अनुसूची के 29 विषयों (सड़क, पेयजल, स्कूल, स्वच्छता व ग्रामीण विकास) पर सीधा लोकतांत्रिक अधिकार देता है।
और गहराई से पढ़ना चाहते हैं? आधिकारिक राजपत्रित मूल पाठ या सुप्रीम कोर्ट निर्णय व संविधान सभा बहस देखें: