अवशिष्ट विधायी शक्तियां (Residuary Powers)
त्वरित सारांश (TL;DR)
अनुच्छेद 248 (अवशिष्ट विधायी शक्तियां (Residuary Powers)): भाग XI के तहत केंद्र और राज्यों के बीच विधायी और प्रशासनिक शक्तियों के संघीय बंटवारे का नियम।
सरल नागरिक भाषा में अर्थ
संविधान के भाग XI (संघ और राज्यों के बीच संबंध) का अनुच्छेद 248 'अवशिष्ट विधायी शक्तियां (Residuary Powers)' को निर्धारित करता है। यह सातवीं अनुसूची की संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची के अनुसार कानून बनाने की शक्तियों, जीएसटी (अनुच्छेद 246A), केंद्र व राज्य कानूनों में टकराव के समाधान (254), अंतर-राज्यीय नदी जल विवाद (262) और अंतर-राज्य परिषद (263) की संवैधानिक व्यवस्था तय करता है।
प्रमुख संवैधानिक उपबंध एवं बिंदु
संवैधानिक प्रावधान (अनुच्छेद 248): Part XI के अंतर्गत 'अवशिष्ट विधायी शक्तियां (Residuary Powers)' के लिए बाध्यकारी कानूनी नियम तय करता है
इसमें 2 खंड (Clauses) के माध्यम से स्पष्ट प्रक्रिया तय की गई है
मनमाने प्रशासनिक आदेशों के बजाय संसद की लोकतांत्रिक प्रक्रिया और जवाबदेही को अनिवार्य बनाता है
अपवाद एवं युक्तियुक्त निर्बंधन (सीमाएं)
एस.आर. बोम्मई बनाम भारत संघ (1994) के अनुसार संघवाद (Federalism) संविधान के मूल ढांचे का हिस्सा है; केंद्र और राज्य एक-दूसरे के संवैधानिक अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण नहीं कर सकते।
दैनिक जीवन में यह क्यों महत्वपूर्ण है?
यह स्पष्ट करता है कि पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य, जीएसटी या रक्षा जैसे विषयों पर कौन सी सरकार (केंद्र या राज्य) कानून बनाएगी और जनता के प्रति जवाबदेह होगी।
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