विधि के प्राधिकार के बिना करों (Taxes) का अधिरोपण न किया जाना
त्वरित सारांश (TL;DR)
कानून के प्राधिकार के बिना कोई कर नहीं: "विधि के प्राधिकार के बिना न तो कोई कर लगाया जाएगा और न ही एकत्र किया जाएगा।" नागरिकों और व्यापारियों को बिना संसद/विधानसभा के कानून के किसी भी अवैध टैक्स, वसूली या जुर्माने से बचाता है।
सरल नागरिक भाषा में अर्थ
अनुच्छेद 265 केवल एक पंक्ति में नागरिकों की जेब और कमाई की सबसे बड़ी रक्षा करता है: 'विधि के प्राधिकार के बिना न तो कोई कर उद्गृहीत (Levied) किया जाएगा और न ही संग्रहीत (Collected) किया जाएगा।' यहां 'विधि' का अर्थ संसद या राज्य विधानसभा द्वारा पारित कानून है—केवल किसी अफसर का आदेश, विभागीय सर्कुलर या नगर निगम का मनमाना नोटिस नहीं।
यदि कोई सरकारी विभाग, टोल एजेंसी, पंचायत या अधिकारी ऐसा कोई टैक्स, सेस (Cess), शुल्क या चालान वसूलता है जिसके पीछे कोई वैध कानून नहीं है, तो वह वसूली अनुच्छेद 265 के तहत पूरी तरह असंवैधानिक है और नागरिक को वह पैसा ब्याज सहित वापस पाने (Refund) का अधिकार है।
यदि कोई सरकारी विभाग, टोल एजेंसी, पंचायत या अधिकारी ऐसा कोई टैक्स, सेस (Cess), शुल्क या चालान वसूलता है जिसके पीछे कोई वैध कानून नहीं है, तो वह वसूली अनुच्छेद 265 के तहत पूरी तरह असंवैधानिक है और नागरिक को वह पैसा ब्याज सहित वापस पाने (Refund) का अधिकार है।
प्रमुख संवैधानिक उपबंध एवं बिंदु
संसद या विधानसभा के कानून के बिना लगाए गए किसी भी टैक्स, सेस, टोल या अवैध शुल्क को न देने का संवैधानिक अधिकार
किसी भी सरकारी चालान, जुर्माने या शुल्क के लिए कानून की धारा और पक्की सरकारी रसीद मांगने का हक
गलत या अवैध रूप से वसूले गए टैक्स को अनुच्छेद 226 के तहत हाईकोर्ट के माध्यम से वापस (Refund) पाने का अधिकार
अपवाद एवं युक्तियुक्त निर्बंधन (सीमाएं)
संसद और विधानसभाएं सातवीं अनुसूची के तहत वैध टैक्स कानून (जैसे GST या Income Tax) बना सकती हैं, बशर्ते वे अनुच्छेद 14 (समानता) और 19(1)(g) का उल्लंघन न करें।
दैनिक जीवन में यह क्यों महत्वपूर्ण है?
जब भी कोई अवैध टोल नाका, स्थानीय निकाय या कर्मचारी बिना कानूनी अधिकार के "पर्ची" काटने या जुर्माना वसूलने की कोशिश करता है, तो अनुच्छेद 265 उसे गैर-कानूनी घोषित करता है।
और गहराई से पढ़ना चाहते हैं? आधिकारिक राजपत्रित मूल पाठ या सुप्रीम कोर्ट निर्णय व संविधान सभा बहस देखें: