आपातकालीन नागरिक हेल्पलाइन

अनुच्छेद 392 Part XXI

कठिनाइयों को दूर करने की राष्ट्रपति की शक्ति

त्वरित सारांश (TL;DR)
अनुच्छेद 392 (कठिनाइयों को दूर करने की राष्ट्रपति की शक्ति): भाग XXI के तहत विभिन्न राज्यों के क्षेत्रीय विकास, जनजातीय संरक्षण और संक्रमणकालीन संवैधानिक उपबंध।
संविधान के भाग XXI का अनुच्छेद 392 'कठिनाइयों को दूर करने की राष्ट्रपति की शक्ति' का उपबंध करता है। यह विभिन्न राज्यों (अनुच्छेद 371 श्रृंखला: महाराष्ट्र, गुजरात, नगालैंड, असम, मणिपुर, आंध्र प्रदेश, सिक्किम, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, गोवा आदि) के लिए विशेष क्षेत्रीय विकास व सांस्कृतिक संरक्षण, अथवा 1950 में संविधान लागू होने के समय प्रचलित कानूनों और न्यायिक संस्थाओं की निरंतरता (अनुच्छेद 372-392) को निर्धारित करता है।
संवैधानिक प्रावधान (अनुच्छेद 392): Part XXI के अंतर्गत 'कठिनाइयों को दूर करने की राष्ट्रपति की शक्ति' के लिए बाध्यकारी कानूनी नियम तय करता है
इसमें 5 खंड (Clauses) तथा स्पष्ट संवैधानिक शर्तें (Provisos) दी गई हैं
मनमाने प्रशासनिक आदेशों के बजाय संसद की लोकतांत्रिक प्रक्रिया और जवाबदेही को अनिवार्य बनाता है
अनुच्छेद 372(1) के अनुसार संविधान से पहले के कानून तभी तक लागू रहते हैं जब तक वे संविधान के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन न करें।
यह भारत की क्षेत्रीय विविधता का सम्मान करता है और विधिक व्यवस्था की निरंतरता सुनिश्चित करता है।
और गहराई से पढ़ना चाहते हैं? आधिकारिक राजपत्रित मूल पाठ या सुप्रीम कोर्ट निर्णय व संविधान सभा बहस देखें:
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