नागरिकों के लिए एक समान सिविल संहिता (Uniform Civil Code)
त्वरित सारांश (TL;DR)
राज्य को पूरे देश में सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार व गोद लेने के संबंध में एक समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का निर्देश देता है।
सरल नागरिक भाषा में अर्थ
अनुच्छेद 44 राज्य नीति का एक निर्देशक सिद्धांत है। यह राज्य को सलाह देता है कि वह देश के सभी नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता (यूनिफॉर्म सिविल कोड) बनाने का प्रयास करे। जहां आपराधिक व वाणिज्यिक कानून सभी के लिए समान हैं, वहीं शादी, तलाक और संपत्ति उत्तराधिकार के नियम अलग-अलग धर्मों के लिए अलग रहे हैं। अनुच्छेद 44 लैंगिक न्याय और समानता की परिकल्पना करता है।
प्रमुख संवैधानिक उपबंध एवं बिंदु
लैंगिक न्याय और महिलाओं के समान उत्तराधिकार अधिकारों की दिशा में कदम
भेदभावपूर्ण रूढ़िवादी व्यक्तिगत कानूनों से सुरक्षा
समान नागरिक अधिकारों के माध्यम से राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा
अपवाद एवं युक्तियुक्त निर्बंधन (सीमाएं)
निर्देशक सिद्धांत होने के कारण इसे सीधे अदालत द्वारा जबरन लागू नहीं कराया जा सकता, यह संसद व विधानसभाओं का विधायी अधिकार है।
दैनिक जीवन में यह क्यों महत्वपूर्ण है?
यह महिलाओं को पैतृक संपत्ति, तलाक और भरण-पोषण में धार्मिक भेदभाव से परे समान मानवीय अधिकार दिलाने के लिए आवश्यक है।
और गहराई से पढ़ना चाहते हैं? आधिकारिक राजपत्रित मूल पाठ या सुप्रीम कोर्ट निर्णय व संविधान सभा बहस देखें: