क्या दुकानदार MRP से ज्यादा पैसे ले सकता है या "बिका हुआ माल वापस नहीं होगा" का बोर्ड लगा सकता है?
बिल्कुल नहीं! MRP से अधिक वसूलना और खराब सामान पर रिफंड न देना उपभोक्ता कानून के तहत गैरकानूनी और दंडनीय है।
- • MRP से ज्यादा चार्ज करना कानूनी अपराध है।
- • "बिका माल वापस नहीं होगा" लिखना गैरकानूनी है यदि उत्पाद में खराबी है। उपभोक्ता पूरा रिफंड पाने का हकदार है।
- पक्का बिल मांगें और राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 1915 पर शिकायत दर्ज कराएं।
क्या कोई रेस्तरां बिल में जबरन 10% सर्विस चार्ज जोड़ सकता है?
नहीं। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) के अनुसार सर्विस चार्ज पूरी तरह स्वैच्छिक है। इसे बिल में जबरन जोड़ना गैरकानूनी है।
- • होटल खुद से बिल में सर्विस चार्ज नहीं जोड़ सकते।
- मैनेजर से कहें कि बिल से सर्विस चार्ज हटाएं। न मानने पर 1915 पर उपभोक्ता हेल्पलाइन में शिकायत करें।
क्या दुकानदार ठंडे पानी या कोल्ड ड्रिंक पर एमआरपी (MRP) से ₹5-₹10 ज्यादा वसूल सकता है?
बिल्कुल नहीं! अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) में सभी टैक्स और ठंडा करने का खर्च शामिल होता है। ₹1 भी ज्यादा लेना कानूनी अपराध है।
- • एमआरपी से अधिक बेचने पर ₹25,000 तक का भारी जुर्माना लग सकता है।
- बोतल पर छपी एमआरपी देखें और रसीद मांगकर 1915 पर शिकायत करें।
क्या लोन रिकवरी एजेंट देर रात फोन कर सकते हैं या परिजनों को धमकी दे सकते हैं?
सख्ती से मना है। आरबीआई नियमों के तहत रिकवरी एजेंट सुबह 8 से पहले और शाम 7 के बाद फोन नहीं कर सकते। परिजनों को धमकी देना गंभीर अपराध है।
- • एजेंट पड़ोसियों या कार्यस्थल पर जाकर बदनाम नहीं कर सकते।
- धमकी भरी कॉल रिकॉर्ड करें और आरबीआई के बैंकिंग लोकपाल (Ombudsman) के पास शिकायत दर्ज कराएं।
यदि एटीएम से पैसे न निकलें लेकिन खाते से कट जाएं, तो बैंक को कितना हर्जाना देना होगा?
₹100 प्रतिदिन! आरबीआई के अनुसार यदि 5 दिनों में कटा हुआ पैसा वापस नहीं आता, तो बैंक को ग्राहक को ₹100 प्रतिदिन की दर से जुर्माना भरना होगा।
- • यह नियम सभी बैंकों के एटीएम (On-us और Off-us), माइक्रो-एटीएम और पीओएस कैश मशीनों पर होने वाले विफल लेनदेन पर लागू होता है।
- • 5 दिन (T+5) पूरे होने के बाद बिना किसी अलग दावे के मुआवजे की राशि स्वतः ग्राहक के खाते में जमा की जानी चाहिए।
- एरर कोड वाली एटीएम ट्रांजैक्शन पर्ची या एसएमएस संभाल कर रखें और एटीएम मशीन आईडी (Machine ID) नोट करें।
- अपनी बैंक शाखा या नेट बैंकिंग/मोबाइल ऐप के माध्यम से आधिकारिक शिकायत (Dispute Ticket) दर्ज करें और रेफरेंस नंबर लें।
- यदि 5 दिनों (T+5) के भीतर पैसा वापस न आए, तो आरबीआई सीएमएस पोर्टल (cms.rbi.org.in) या हेल्पलाइन 14448 पर ₹100/दिन के वैधानिक मुआवजे का दावा करें।
क्या मॉल या शोरूम अपने लोगो (Logo) वाले कैरी बैग के लिए ₹10-₹20 अलग से वसूल सकते हैं?
गैरकानूनी! उपभोक्ता अदालतों ने फैसला दिया है कि अपने ब्रांड के विज्ञापन वाले कैरी बैग के लिए ग्राहकों से पैसे वसूलना सेवा में कमी और अनुचित व्यापार है।
- • दुकानदार को या तो मुफ्त सादा बैग देना होगा या ग्राहक को अपना थैला लाने की अनुमति देनी होगी।
- बिल में बैग का चार्ज जोड़ने पर आपत्ति जताएं और कंज्यूमर फोरम में शिकायत करें।
उड़ान रद्द या 6 घंटे से अधिक लेट: क्या पूरा रिफंड, भोजन और होटल सुविधा अनिवार्य है?
डीजीसीए नियमों के तहत यदि एयरलाइन फ्लाइट रद्द करती है या 6 घंटे से ज्यादा लेट करती है, तो यात्री को पूरा रिफंड, भोजन और मुफ्त होटल सुविधा पाने का वैधानिक अधिकार है।
- • 1. 24 घंटे पूर्व फ्लाइट रद्द होने पर वैकल्पिक टिकट या पूरा रिफंड और ₹10,000 तक मुआवजा देना होगा।
- • 2. 2 से 4 घंटे की देरी पर एयरपोर्ट पर मुफ्त जलपान एवं भोजन देना अनिवार्य है।
- • 3. रात में 6 घंटे से अधिक की देरी पर मुफ्त होटल और कैब सुविधा देना बाध्यकारी है।
- 1. एयरपोर्ट पर एयरलाइन के ड्यूटी मैनेजर डेस्क पर तुरंत संपर्क करें।
- 2. कहें: "डीजीसीए नियमों के अनुसार मुझे पूर्ण रिफंड या होटल में ठहरने की सुविधा दी जाए।\"
- 3. इंकार करने पर एयरसेवा पोर्टल (airsewa.gov.in) पर पीएनआर नंबर के साथ शिकायत दर्ज करें।
- 4. उपभोक्ता फोरम में मानसिक उत्पीड़न और सेवा में कमी का हर्जाना मांगें।
बिना मांगे भेजा गया क्रेडिट कार्ड: क्या बैंक फीस वसूल सकता है या सिबिल स्कोर खराब कर सकता है?
आरबीआई के सख्त निर्देशों के अनुसार, ग्राहक की सहमति के बिना क्रेडिट कार्ड भेजना गैरकानूनी है। बैंक को कार्ड तुरंत रद्द करना होगा और ग्राहक को प्रतिदिन ₹500 का जुर्माना देना होगा।
- • 1. बिना ग्राहक की पूर्व सहमति के क्रेडिट कार्ड जारी करना या लिमिट बढ़ाना पूर्णतः प्रतिबंधित है।
- • 2. अनचाहे कार्ड पर कोई भी शुल्क लगाने पर बैंक को दोगुना रिफंड करना होगा।
- • 3. शिकायत के 7 दिनों में कार्ड बंद न होने पर बैंक ग्राहक को ₹500 प्रतिदिन का हर्जाना देगा।
- 1. कार्ड को एक्टिवेट न करें और कोई ओटीपी शेयर न करें।
- 2. बैंक के नोडल अधिकारी को ईमेल लिखें: "आरबीआई नियमों के तहत इस अवांछित कार्ड को तुरंत रद्द करें।\"
- 3. 7 दिन से ज्यादा देरी होने पर ₹500 प्रतिदिन जुर्माने की मांग करें।
- 4. समाधान न होने पर आरबीआई लोकपाल (cms.rbi.org.in) में ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।