क्या रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर या डीजे बजाना वैध है?
सख्ती से मना है। सुप्रीम कोर्ट के अनुसार रात में शांति से सोना अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकार है। रात 10 से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर बजाना पूर्ण प्रतिबंधित है।
- • केवल सरकार द्वारा अधिसूचित 15 त्योहारों पर ही रात 12 बजे तक की छूट मिल सकती है।
- रात 10 बजे के बाद तेज आवाज होने पर तुरंत 112 पर फोन करें।
यदि कोई सार्वजनिक रूप से जातिसूचक गाली दे या अपमान करे तो क्या कानूनी कार्रवाई होती है?
सख्त गैर-जमानती अपराध। किसी एससी/एसटी नागरिक को सार्वजनिक रूप से जातिसूचक गाली देने पर बिना किसी प्रारंभिक जांच के सीधी गैर-जमानती एफआईआर होती है।
- • 2018 के संशोधन के बाद बिना किसी जांच के तुरंत एफआईआर और कार्रवाई का नियम है।
- थाने में लिखित शिकायत दें जिसमें बोले गए शब्दों और गवाहों का उल्लेख हो।
यदि सिम स्वैप फ्रॉड के कारण अचानक फोन नेटवर्क चला जाए तो क्या तुरंत करना चाहिए?
आपातकालीन सुरक्षा: ट्राई (TRAI) और दूरसंचार विभाग के नियमों के अनुसार नया सिम एक्टिवेट होने के 24 घंटे तक एसएमएस (SMS) सेवा बंद रहती है ताकि ओटीपी चोरी न हो।
- • यदि फोन में अचानक 'No Service' आए, तो तुरंत सिम स्वैप की आशंका जताते हुए कस्टमर केयर को फोन करें।
- • दूरसंचार कंपनियों को सिम बदलने से पहले बायोमेट्रिक सत्यापन करना अनिवार्य है।
- दूसरे फोन से ऑपरेटर को फोन कर डुप्लीकेट सिम तुरंत बंद कराएं और 1930 पर सूचना दें।
क्या अलग रह रही या तलाकशुदा महिला 60 दिनों में अंतरिम गुजारा भत्ता (Maintenance) पा सकती है?
हाँ। धारा 125 (BNSS 144) के तहत पति से गुजारा भत्ता पाना पत्नी और बच्चों का कानूनी अधिकार है और 60 दिनों में अंतरिम फैसला होना अनिवार्य है।
- • पति को अपनी संपत्ति और आय का पूरा हलफनामा कोर्ट में जमा करना होता है।
- • गुजारा भत्ता न देने पर पति की संपत्ति कुर्क की जा सकती है या जेल भेजा जा सकता है।
- फैमिली कोर्ट में धारा 125 के तहत भरण-पोषण की अर्जी लगाएं।
क्या मकान मालिक बीच किरायेदारी में अचानक 30% से 50% तक किराया बढ़ा सकता है?
नहीं। किराये में वृद्धि केवल रेंट एग्रीमेंट में लिखी शर्तों (आमतौर पर सालाना 5% से 10%) के अनुसार ही हो सकती है। बीच में अचानक 30-50% बढ़ाना कानूनन अमान्य है।
- • किराया बढ़ाने से पहले 3 महीने का अग्रिम लिखित नोटिस देना अनिवार्य है।
- रेंट एग्रीमेंट की कॉपी दिखाएं और बताएं कि मनमाना किराया बढ़ाना समझौते का उल्लंघन है।
क्या कोई निजी स्कूल गरीब और वंचित बच्चों के लिए 25% मुफ्त कोटे में दाखिला देने से मना कर सकता है?
सख्ती से मना है। आरटीई (RTE) एक्ट की धारा 12(1)(c) के तहत निजी स्कूलों को पहली कक्षा/प्री-स्कूल में 25% सीटें गरीब बच्चों के लिए मुफ्त में आरक्षित रखनी अनिवार्य हैं।
- • सरकार इन बच्चों की फीस सीधे स्कूल को अदा करती है। स्कूल कोई अतिरिक्त फीस या इंटरव्यू नहीं ले सकता।
- राज्य सरकार के आरटीई पोर्टल पर ऑनलाइन फॉर्म भरें और स्कूल मना करे तो जिला शिक्षा अधिकारी से शिकायत करें।
उड़ान रद्द या 6 घंटे से अधिक लेट: क्या पूरा रिफंड, भोजन और होटल सुविधा अनिवार्य है?
डीजीसीए नियमों के तहत यदि एयरलाइन फ्लाइट रद्द करती है या 6 घंटे से ज्यादा लेट करती है, तो यात्री को पूरा रिफंड, भोजन और मुफ्त होटल सुविधा पाने का वैधानिक अधिकार है।
- • 1. 24 घंटे पूर्व फ्लाइट रद्द होने पर वैकल्पिक टिकट या पूरा रिफंड और ₹10,000 तक मुआवजा देना होगा।
- • 2. 2 से 4 घंटे की देरी पर एयरपोर्ट पर मुफ्त जलपान एवं भोजन देना अनिवार्य है।
- • 3. रात में 6 घंटे से अधिक की देरी पर मुफ्त होटल और कैब सुविधा देना बाध्यकारी है।
- 1. एयरपोर्ट पर एयरलाइन के ड्यूटी मैनेजर डेस्क पर तुरंत संपर्क करें।
- 2. कहें: "डीजीसीए नियमों के अनुसार मुझे पूर्ण रिफंड या होटल में ठहरने की सुविधा दी जाए।\"
- 3. इंकार करने पर एयरसेवा पोर्टल (airsewa.gov.in) पर पीएनआर नंबर के साथ शिकायत दर्ज करें।
- 4. उपभोक्ता फोरम में मानसिक उत्पीड़न और सेवा में कमी का हर्जाना मांगें।
बिना मांगे भेजा गया क्रेडिट कार्ड: क्या बैंक फीस वसूल सकता है या सिबिल स्कोर खराब कर सकता है?
आरबीआई के सख्त निर्देशों के अनुसार, ग्राहक की सहमति के बिना क्रेडिट कार्ड भेजना गैरकानूनी है। बैंक को कार्ड तुरंत रद्द करना होगा और ग्राहक को प्रतिदिन ₹500 का जुर्माना देना होगा।
- • 1. बिना ग्राहक की पूर्व सहमति के क्रेडिट कार्ड जारी करना या लिमिट बढ़ाना पूर्णतः प्रतिबंधित है।
- • 2. अनचाहे कार्ड पर कोई भी शुल्क लगाने पर बैंक को दोगुना रिफंड करना होगा।
- • 3. शिकायत के 7 दिनों में कार्ड बंद न होने पर बैंक ग्राहक को ₹500 प्रतिदिन का हर्जाना देगा।
- 1. कार्ड को एक्टिवेट न करें और कोई ओटीपी शेयर न करें।
- 2. बैंक के नोडल अधिकारी को ईमेल लिखें: "आरबीआई नियमों के तहत इस अवांछित कार्ड को तुरंत रद्द करें।\"
- 3. 7 दिन से ज्यादा देरी होने पर ₹500 प्रतिदिन जुर्माने की मांग करें।
- 4. समाधान न होने पर आरबीआई लोकपाल (cms.rbi.org.in) में ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।