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अनुच्छेद 21A Part III ★ मौलिक अधिकार — नागरिक सुरक्षा कवच 🎓 निःशुल्क शिक्षा का मौलिक चार्टर

शिक्षा का अधिकार (6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा)

त्वरित सारांश (TL;DR)
मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का मौलिक अधिकार: 6 से 14 वर्ष की आयु के प्रत्येक बच्चे को कक्षा 1 से 8 तक निःशुल्क व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की गारंटी देता है, जिसमें निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के लिए 25% मुफ्त कोटा शामिल है।
प्रारंभ में शिक्षा का उल्लेख नीति निर्देशक तत्व (अनुच्छेद 45) में था, किंतु 'उन्नी कृष्णन (1993)' फैसले के बाद संसद ने 86वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 पारित कर अनुच्छेद 21A को मौलिक अधिकार बना दिया। इसे धरातल पर लागू करने के लिए 'शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act), 2009' लागू किया गया।

इसमें 'निःशुल्क' का अर्थ है कि 6 से 14 वर्ष के किसी भी बच्चे से सरकारी स्कूल में ट्यूशन फीस, किताबों, यूनिफॉर्म या मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal) के लिए कोई पैसा नहीं लिया जाएगा। 'अनिवार्य' शब्द सरकार पर यह कानूनी जिम्मेदारी डालता है कि हर बस्ती के 1 से 3 किलोमीटर के भीतर स्कूल हो, प्रशिक्षित शिक्षक हों, और सभी गैर-सहायता प्राप्त निजी (प्राइवेट) स्कूलों की शुरुआती कक्षा में 25% सीटें गरीब और वंचित वर्ग (EWS/DG) के बच्चों के लिए पूरी तरह मुफ्त आरक्षित हों।
सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक 100% मुफ्त शिक्षा, मुफ्त किताबें, यूनिफॉर्म और पोषणयुक्त मिड-डे मील का अधिकार
आरटीई एक्ट की धारा 12(1)(c) के तहत प्राइवेट स्कूलों में गरीब व वंचित वर्ग (EWS) के बच्चों के लिए 25% मुफ्त सीटों का संवैधानिक कोटा
डोनेशन और प्रवेश परीक्षा पर रोक: स्कूल दाखिले के समय डोनेशन (Capitation Fee) नहीं मांग सकते और न ही माता-पिता या बच्चे का इंटरव्यू ले सकते हैं
दस्तावेज न होने पर भी दाखिला अनिवार्य: जन्म प्रमाण पत्र, आधार या टीसी (TC) न होने के बहाने किसी बच्चे को प्रवेश से मना नहीं किया जा सकता
प्रवासी मजदूरों या ड्रॉपआउट बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार कक्षा में प्रवेश और विशेष प्रशिक्षण पाने का हक
शारीरिक दंड और मानसिक प्रताड़ना पर पूर्ण प्रतिबंध: स्कूल में बच्चों को मारना, पीटना या अपमानित करना दंडनीय अपराध है (धारा 17 RTE)
अनिवार्य स्कूल सुविधाएं: छात्र-छात्राओं के लिए अलग शौचालय, स्वच्छ पेयजल, दिव्यांग बच्चों के लिए रैंप और निर्धारित शिक्षक-छात्र अनुपात
अनुच्छेद 21A सीधे तौर पर 6 से 14 वर्ष (कक्षा 1 से 8) की प्रारंभिक शिक्षा पर लागू होता है। 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों की देखभाल अनुच्छेद 45 के अंतर्गत आती है, और अल्पसंख्यक संस्थानों (अनुच्छेद 30) को 25% निजी कोटे से छूट प्राप्त है।
यदि कोई स्कूल जन्म प्रमाण पत्र न होने पर गरीब बच्चे को दाखिला न दे, या प्राइवेट स्कूल 25% EWS सीट देने से आनाकानी करे, या शिक्षक बच्चे के साथ मारपीट करे—तो अनुच्छेद 21A अभिभावकों को तुरंत कानूनी कार्रवाई की शक्ति देता है।
और गहराई से पढ़ना चाहते हैं? आधिकारिक राजपत्रित मूल पाठ या सुप्रीम कोर्ट निर्णय व संविधान सभा बहस देखें:
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