📄 नागरिक पॉकेट विधिक सुरक्षा कार्ड (प्रिंट / ऑफलाइन सेव)
बाइक की चाबी, फोन चेकिंग, महिला अधिकार और जीरो एफआईआर के 10 आवश्यक नियम 1 पेज पर प्रिंट करें।
Human Dignity
⛔ ROUTINE HANDCUFFING UNLAWFUL
🌐 अखिल भारतीय कानून
क्या पुलिस सामान्य गिरफ्तारी के दौरान आपको सरेआम हथकड़ी लगा सकती है?
नहीं! सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के अनुसार सामान्य आरोपियों को हथकड़ी लगाना असंवैधानिक और मानवाधिकारों का उल्लंघन है।
लागू कानून व प्रावधान:
Prem Shankar Shukla v. Delhi Administration & Citizen for Democracy v. State of Assam
संबंधित अनुच्छेद:
Article 21 (Human Dignity & Fair Procedure), Article 14
(अनुच्छेद 21 →)
(अनुच्छेद 14 →)
अधिकारी से शांत एवं विनम्र भाषा में क्या बोलें:
🛡️ अनुच्छेद 21, 14 कवच
“अधिकारी महोदय, पूरे सम्मान के साथ, Prem Shankar Shukla v. Delhi Administration & Citizen for Democracy v. State of Assam के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के अनुसार हथकड़ी लगाना केवल अत्यंत हिंसक या भागने की आशंका वाले मामलों में ही कोर्ट की अनुमति से संभव है। संविधान के Article 21 (Human Dignity & Fair Procedure), Article 14 के तहत किसी भी प्रकार का भेदभाव या मनमानी कार्रवाई वर्जित है; कृपया लिखित नियमों के अनुसार ही कार्यवाही करें।”
कानून क्या कहता है
- • सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के अनुसार हथकड़ी लगाना केवल अत्यंत हिंसक या भागने की आशंका वाले मामलों में ही कोर्ट की अनुमति से संभव है।
- • आम नागरिक को हथकड़ी लगाकर घुमाना गैरकानूनी है।
मौके पर क्या कहें और क्या करें
- प्रेम शंकर शुक्ला केस का हवाला देकर हथकड़ी लगाने पर आपत्ति दर्ज कराएं।
FIR Rights
⛔ REFUSAL TO REGISTER FIR FOR COGNIZABLE CRIME IS ILLEGAL
🌐 अखिल भारतीय कानून
फोन चोरी या मारपीट में पुलिस ने सिर्फ एनसीआर (NCR) थमा दी: एफआईआर न करने पर क्या करें?
ललिता कुमारी निर्णय और बीएनएसएस धारा 173 के तहत, संज्ञेय अपराध (चोरी, मारपीट, धोखाधड़ी) में पुलिस को बाकायदा एफआईआर दर्ज करनी होगी। आंकड़े छुपाने के लिए केवल एनसीआर पर्ची थमाना गैरकानूनी है।
लागू कानून व प्रावधान:
Section 173 & 175 Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023 & Supreme Court in Lalita Kumari (2014)
संबंधित अनुच्छेद:
Article 14 (Rule of Law), Article 21 (Access to Justice and statutory protection)
(अनुच्छेद 14 →)
(अनुच्छेद 21 →)
अधिकारी से शांत एवं विनम्र भाषा में क्या बोलें:
🛡️ अनुच्छेद 14, 21 कवच
“अधिकारी महोदय, पूरे सम्मान के साथ, Section 173 & 175 Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023 & Supreme Court in Lalita Kumari (2014) के अनुसार, संज्ञेय अपराधों (जैसे मोबाइल स्नैचिंग, चोरी, हमला) में एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य है, केवल एनसीआर नहीं। संविधान के Article 14 (Rule of Law), Article 21 (Access to Justice and statutory protection) के तहत किसी भी प्रकार का भेदभाव या मनमानी कार्रवाई वर्जित है; कृपया लिखित नियमों के अनुसार ही कार्यवाही करें।”
कानून क्या कहता है
- • 1. संज्ञेय अपराधों (जैसे मोबाइल स्नैचिंग, चोरी, हमला) में एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य है, केवल एनसीआर नहीं।
- • 2. एनसीआर का अर्थ है कि पुलिस बिना मजिस्ट्रेट के आदेश के जांच या गिरफ्तारी नहीं करेगी, जिससे केस ठंडा पड़ जाता है।
- • 3. एफआईआर दर्ज करने से मना करने वाले पुलिसकर्मी को धारा 199 BNS के तहत 2 साल तक की जेल हो सकती है।
मौके पर क्या कहें और क्या करें
- 1. फोन छीने जाने या चोरी होने पर एनसीआर लेने से मना करें; धारा 303 BNS के तहत एफआईआर की मांग करें।
- 2. थाना प्रभारी मना करे, तो बीएनएसएस की धारा 175(3) के तहत पुलिस अधीक्षक (SP) को रजिस्टर्ड डाक से शिकायत भेजें।
- 3. कार्रवाई न होने पर वकील के माध्यम से न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष धारा 175(3) की अर्जी लगाएं।
- 4. मजिस्ट्रेट पुलिस को तुरंत एफआईआर दर्ज कर जांच करने का कानूनी आदेश देंगे।