क्या कंपनी नोटिस पीरियड पूरा होने के बाद भी आपका रिलीविंग लेटर या अनुभव प्रमाण पत्र रोक सकती है?
नहीं। नोटिस पूरा होने पर अनुभव प्रमाण पत्र रोकना आजीविका के अधिकार (अनुच्छेद 21) और रोजगार की स्वतंत्रता का सीधा उल्लंघन है।
- • हाईकोर्ट ने माना है कि अनुभव प्रमाण पत्र कर्मचारी का वैधानिक अधिकार है।
- एचआर को लिखित ईमेल भेजें और न मिलने पर लेबर कमिश्नर या वकील के जरिए लीगल नोटिस भिजवाएं।
क्या कंपनी नौकरी छोड़ने के बाद प्रतिद्वंद्वी कंपनी में काम करने पर 1-2 साल का प्रतिबंध लगा सकती है?
पूरी तरह अमान्य और शून्य! भारतीय अनुबंध अधिनियम की धारा 27 के तहत किसी भी नागरिक को उसकी पसंद का रोजगार करने से रोकने वाला कोई भी बॉन्ड कानूनन शून्य (Void) होता है।
- • नौकरी समाप्त होने के बाद लगाया गया कोई भी नॉन-कम्पीट प्रतिबंध भारतीय अदालतों में टिक नहीं सकता।
- कंपनी के नॉन-कम्पीट बॉन्ड की धमकियों से न डरें। केवल कंपनी का गोपनीय डेटा या कोड साथ न ले जाएं।
कंपनी द्वारा मनमाना वेतन काटना: क्या नियोक्ता बिना जांच के आपकी पूरी सैलरी रोक सकता है या जुर्माना काट सकता है?
पूर्णतः गैरकानूनी! मजदूरी भुगतान अधिनियम 1936 के तहत, नियोक्ता केवल कानूनी कटौतियां (पीएफ, ईएसआई, टैक्स) ही कर सकता है। कुल कटौती 50% से अधिक नहीं हो सकती और बिना लिखित जांच के सैलरी काटना अवैध है।
- • 1. किसी भी महीने में कुल कटौती कर्मचारी के अर्जित वेतन के 50% से अधिक नहीं हो सकती।
- • 2. किसी गलती पर जुर्माना केवल कारण बताओ नोटिस और लिखित स्पष्टीकरण के बाद ही लगाया जा सकता है।
- • 3. महीने की 7 से 10 तारीख के भीतर वेतन का बैंक खाते में जमा होना कानूनी रूप से अनिवार्य है।
- 1. एचआर को ईमेल भेजकर सैलरी स्लिप और वेतन काटने का कानूनी कारण मांगें।
- 2. लिखें: "वेतन भुगतान अधिनियम की धारा 7 के तहत अनधिकृत वेतन कटौती कानूनी अपराध है।\"
- 3. 15 दिनों में भुगतान न होने पर श्रम आयुक्त (Labour Officer) के समक्ष दावा प्रस्तुत करें।
- 4. धारा 15 के तहत काटी गई रकम के साथ 10 गुना तक हर्जाने की मांग करें।