आपातकालीन नागरिक हेल्पलाइन

🏛️
🇮🇳 भारत का सर्वोच्च विधान • 26 जनवरी 1950 को लागू

भारत का संपूर्ण संविधान: डिजिटल नागरिक महाग्रंथ

विश्व के सबसे विस्तृत लिखित संविधान के 395 अनुच्छेदों, 25 भागों और 12 अनुसूचियों का अध्ययन करें सरल नागरिक भाषा, संविधान सभा के ऐतिहासिक विमर्श और सर्वोच्च अदालत के फैसलों के साथ।

395+
अनुच्छेद (Articles)
25
भाग (Thematic Parts)
12
अनुसूचियां (Schedules)
106
संशोधन (Amendments)
📜 उद्देशिका “हम, भारत के लोग, भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व-सम्पन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए...”
“हम, भारत के लोग, भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व-सम्पन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय; विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता; प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर, 1949 ईस्वी को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।”
Page 13 • सरल नागरिक भाषा में
अनुच्छेद 296
Part XII

राजगामी, व्यपगत या स्वामीहीन होने से प्रोद्भूत संपत्ति

संविधान के भाग XII (वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद) का अनुच्छेद 296 'राजगामी, व्यपगत या स्वामीहीन होने से प्रोद्भूत संपत्ति' का प्रावधान करता है। यह बिना कानून के टैक्स न लगाने (265), भारत व राज्यों की संचित निधि एवं आकस्मिकता निधि (266-267), केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे, वित्त आयोग (280), सरकारी संविदाओं, सरकार पर मुकदमा दायर करने के नागरिक अधिकार (300) और संपत्ति के संवैधानिक अधिकार (300A) को नियंत्रित करता है।

अनुच्छेद 297
Part XII

राज्यक्षेत्रीय सागर-खंड या महाद्वीपीय मग्नतट भूमि में स्थित मूल्यवान चीजों और अनन्य आर्थिक क्षेत्र के संपत्ति स्रोतों का संघ में निहित होना

संविधान के भाग XII (वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद) का अनुच्छेद 297 'राज्यक्षेत्रीय सागर-खंड या महाद्वीपीय मग्नतट भूमि में स्थित मूल्यवान चीजों और अनन्य आर्थिक क्षेत्र के संपत्ति स्रोतों का संघ में निहित होना' का प्रावधान करता है। यह बिना कानून के टैक्स न लगाने (265), भारत व राज्यों की संचित निधि एवं आकस्मिकता निधि (266-267), केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे, वित्त आयोग (280), सरकारी संविदाओं, सरकार पर मुकदमा दायर करने के नागरिक अधिकार (300) और संपत्ति के संवैधानिक अधिकार (300A) को नियंत्रित करता है।

अनुच्छेद 298
Part XII

व्यापार करने आदि की सरकार की शक्ति

संविधान के भाग XII (वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद) का अनुच्छेद 298 'व्यापार करने आदि की सरकार की शक्ति' का प्रावधान करता है। यह बिना कानून के टैक्स न लगाने (265), भारत व राज्यों की संचित निधि एवं आकस्मिकता निधि (266-267), केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे, वित्त आयोग (280), सरकारी संविदाओं, सरकार पर मुकदमा दायर करने के नागरिक अधिकार (300) और संपत्ति के संवैधानिक अधिकार (300A) को नियंत्रित करता है।

अनुच्छेद 299
Part XII

सरकारी संविदाएं (Contracts)

संविधान के भाग XII (वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद) का अनुच्छेद 299 'सरकारी संविदाएं (Contracts)' का प्रावधान करता है। यह बिना कानून के टैक्स न लगाने (265), भारत व राज्यों की संचित निधि एवं आकस्मिकता निधि (266-267), केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे, वित्त आयोग (280), सरकारी संविदाओं, सरकार पर मुकदमा दायर करने के नागरिक अधिकार (300) और संपत्ति के संवैधानिक अधिकार (300A) को नियंत्रित करता है।

अनुच्छेद 300
Part XII

वाद और कार्यवाहियां (Suits and Proceedings)

संविधान के भाग XII (वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद) का अनुच्छेद 300 'वाद और कार्यवाहियां (Suits and Proceedings)' का प्रावधान करता है। यह बिना कानून के टैक्स न लगाने (265), भारत व राज्यों की संचित निधि एवं आकस्मिकता निधि (266-267), केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे, वित्त आयोग (280), सरकारी संविदाओं, सरकार पर मुकदमा दायर करने के नागरिक अधिकार (300) और संपत्ति के संवैधानिक अधिकार (300A) को नियंत्रित करता है।

अनुच्छेद 300A
Part XII

विधि के प्राधिकार के बिना व्यक्तियों को संपत्ति से वंचित न किया जाना (संपत्ति का संवैधानिक अधिकार)

44वें संविधान संशोधन अधिनियम (1978) द्वारा संपत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकारों (अनुच्छेद 19(1)(f) व 31) की सूची से हटाकर अनुच्छेद 300A के तहत एक मजबूत 'संवैधानिक अधिकार' बनाया गया। सुप्रीम कोर्ट ने 'विद्या देवी (2020)' और 'कोलकाता नगर निगम बनाम बिमल कुमार शाह (2024)' में स्पष्ट किया है कि संपत्ति का अधिकार एक अमूल्य मानवाधिकार (Human Right) भी है। अनुच्छेद 300A में 'संपत्ति' का अर्थ केवल जमीन, मकान या दुकान ही नहीं है, बल्कि इसमें आपकी गाड़ी/बाइक, बैंक जमा राशि और कर्मचारियों की पेंशन व ग्रेच्युटी भी शामिल है (जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव केस, 2013)। नवंबर 2024 के ऐतिहासिक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने 'बुलडोजर जस्टिस' पर पूर्ण प्रतिबंध लगाते हुए कहा कि किसी व्यक्ति के मात्र आरोपी होने पर बिना कानूनी प्रक्रिया और नोटिस के उसका घर गिराना अनुच्छेद 21 और अनुच्छेद 300A का घोर उल्लंघन है।

अनुच्छेद 301
Part XIII

व्यापार, वाणिज्य और समागम की स्वतंत्रता

संविधान के भाग XIII (अनुच्छेद 301-307) का अनुच्छेद 301 'व्यापार, वाणिज्य और समागम की स्वतंत्रता' का उपबंध करता है। यह पूरे देश को एक एकीकृत आर्थिक बाजार बनाता है ताकि एक राज्य से दूसरे राज्य में व्यापार और माल के परिवहन पर कोई राज्य भेदभावपूर्ण रुकावट न लगा सके, सिवाय जनहित में लगाए गए वैध नियमों के।

अनुच्छेद 302
Part XIII

व्यापार, वाणिज्य और समागम पर निर्बंधन अधिरोपित करने की संसद की शक्ति

संविधान के भाग XIII (अनुच्छेद 301-307) का अनुच्छेद 302 'व्यापार, वाणिज्य और समागम पर निर्बंधन अधिरोपित करने की संसद की शक्ति' का उपबंध करता है। यह पूरे देश को एक एकीकृत आर्थिक बाजार बनाता है ताकि एक राज्य से दूसरे राज्य में व्यापार और माल के परिवहन पर कोई राज्य भेदभावपूर्ण रुकावट न लगा सके, सिवाय जनहित में लगाए गए वैध नियमों के।

अनुच्छेद 303
Part XIII

व्यापार और वाणिज्य के संबंध में संघ और राज्यों की विधायी शक्तियों पर निर्बंधन

संविधान के भाग XIII (अनुच्छेद 301-307) का अनुच्छेद 303 'व्यापार और वाणिज्य के संबंध में संघ और राज्यों की विधायी शक्तियों पर निर्बंधन' का उपबंध करता है। यह पूरे देश को एक एकीकृत आर्थिक बाजार बनाता है ताकि एक राज्य से दूसरे राज्य में व्यापार और माल के परिवहन पर कोई राज्य भेदभावपूर्ण रुकावट न लगा सके, सिवाय जनहित में लगाए गए वैध नियमों के।

अनुच्छेद 304
Part XIII

राज्यों के बीच व्यापार, वाणिज्य और समागम पर निर्बंधन

संविधान के भाग XIII (अनुच्छेद 301-307) का अनुच्छेद 304 'राज्यों के बीच व्यापार, वाणिज्य और समागम पर निर्बंधन' का उपबंध करता है। यह पूरे देश को एक एकीकृत आर्थिक बाजार बनाता है ताकि एक राज्य से दूसरे राज्य में व्यापार और माल के परिवहन पर कोई राज्य भेदभावपूर्ण रुकावट न लगा सके, सिवाय जनहित में लगाए गए वैध नियमों के।

अनुच्छेद 305
Part XIII

विद्यमान विधियों और राज्य के एकाधिकार का उपबंध करने वाली विधियों की व्यावृत्ति

संविधान के भाग XIII (अनुच्छेद 301-307) का अनुच्छेद 305 'विद्यमान विधियों और राज्य के एकाधिकार का उपबंध करने वाली विधियों की व्यावृत्ति' का उपबंध करता है। यह पूरे देश को एक एकीकृत आर्थिक बाजार बनाता है ताकि एक राज्य से दूसरे राज्य में व्यापार और माल के परिवहन पर कोई राज्य भेदभावपूर्ण रुकावट न लगा सके, सिवाय जनहित में लगाए गए वैध नियमों के।

अनुच्छेद 307
Part XIII

अनुच्छेद 301 से अनुच्छेद 304 के प्रयोजनों को कार्यान्वित करने के लिए प्राधिकारी की नियुक्ति

संविधान के भाग XIII (अनुच्छेद 301-307) का अनुच्छेद 307 'अनुच्छेद 301 से अनुच्छेद 304 के प्रयोजनों को कार्यान्वित करने के लिए प्राधिकारी की नियुक्ति' का उपबंध करता है। यह पूरे देश को एक एकीकृत आर्थिक बाजार बनाता है ताकि एक राज्य से दूसरे राज्य में व्यापार और माल के परिवहन पर कोई राज्य भेदभावपूर्ण रुकावट न लगा सके, सिवाय जनहित में लगाए गए वैध नियमों के।

अनुच्छेद 308
Part XIV

निर्वचन (भाग 14 सेवाएं)

संविधान के भाग XIV (संघ और राज्यों के अधीन सेवाएं) का अनुच्छेद 308 'निर्वचन (भाग 14 सेवाएं)' का प्रावधान करता है। यह सरकारी कर्मचारियों की भर्ती व सेवा शर्तों (309), बिना निष्पक्ष जांच के बर्खास्तगी से सुरक्षा (311), अखिल भारतीय सेवाओं (312), तथा संघ और राज्य लोक सेवा आयोगों (UPSC/State PSC, अनुच्छेद 315-323) की स्वतंत्रता और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली को सुनिश्चित करता है।

अनुच्छेद 309
Part XIV

संघ या राज्य की सेवा करने वाले व्यक्तियों की भर्ती और सेवा की शर्तें

संविधान के भाग XIV (संघ और राज्यों के अधीन सेवाएं) का अनुच्छेद 309 'संघ या राज्य की सेवा करने वाले व्यक्तियों की भर्ती और सेवा की शर्तें' का प्रावधान करता है। यह सरकारी कर्मचारियों की भर्ती व सेवा शर्तों (309), बिना निष्पक्ष जांच के बर्खास्तगी से सुरक्षा (311), अखिल भारतीय सेवाओं (312), तथा संघ और राज्य लोक सेवा आयोगों (UPSC/State PSC, अनुच्छेद 315-323) की स्वतंत्रता और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली को सुनिश्चित करता है।

अनुच्छेद 310
Part XIV

संघ या राज्य की सेवा करने वाले व्यक्तियों की पदावधि

संविधान के भाग XIV (संघ और राज्यों के अधीन सेवाएं) का अनुच्छेद 310 'संघ या राज्य की सेवा करने वाले व्यक्तियों की पदावधि' का प्रावधान करता है। यह सरकारी कर्मचारियों की भर्ती व सेवा शर्तों (309), बिना निष्पक्ष जांच के बर्खास्तगी से सुरक्षा (311), अखिल भारतीय सेवाओं (312), तथा संघ और राज्य लोक सेवा आयोगों (UPSC/State PSC, अनुच्छेद 315-323) की स्वतंत्रता और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली को सुनिश्चित करता है।

अनुच्छेद 311
Part XIV

संघ या राज्य के अधीन सिविल हैसियत में नियोजित व्यक्तियों का पदच्युत किया जाना, पद से हटाया जाना या पंक्ति में अवनत किया जाना

अनुच्छेद 311 ईमानदार सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों, बाबुओं, रेलवे कर्मियों और पुलिसकर्मियों को राजनीतिक बदले की भावना से बचाता है ताकि वे निडर होकर कानून के अनुसार काम कर सकें। यह दो अटल सुरक्षाएं देता है: 1. अनुच्छेद 311(1): किसी भी सरकारी कर्मचारी को उस अधिकारी से नीचे के पद वाले अधिकारी द्वारा बर्खास्त या पद से नहीं हटाया जा सकता जिसने उसे नियुक्त किया था। 2. अनुच्छेद 311(2): किसी भी सरकारी कर्मचारी को बिना विधिवत जांच (Departmental Inquiry) के, जिसमें उसे स्पष्ट आरोप बताए गए हों और अपने बचाव में सुनवाई का पूरा मौका दिया गया हो, बर्खास्त (Dismiss), पदच्युत (Remove) या पदावनत (Demote) नहीं किया जाएगा।

अनुच्छेद 312
Part XIV

अखिल भारतीय सेवाएं (All-India Services — IAS, IPS, IFS)

संविधान के भाग XIV (संघ और राज्यों के अधीन सेवाएं) का अनुच्छेद 312 'अखिल भारतीय सेवाएं (All-India Services — IAS, IPS, IFS)' का प्रावधान करता है। यह सरकारी कर्मचारियों की भर्ती व सेवा शर्तों (309), बिना निष्पक्ष जांच के बर्खास्तगी से सुरक्षा (311), अखिल भारतीय सेवाओं (312), तथा संघ और राज्य लोक सेवा आयोगों (UPSC/State PSC, अनुच्छेद 315-323) की स्वतंत्रता और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली को सुनिश्चित करता है।

अनुच्छेद 312A
Part XIV

कुछ सेवाओं के अधिकारियों की सेवा की शर्तों में परिवर्तन करने या उन्हें प्रतिसंहृत करने की संसद की शक्ति

संविधान के भाग XIV (संघ और राज्यों के अधीन सेवाएं) का अनुच्छेद 312A 'कुछ सेवाओं के अधिकारियों की सेवा की शर्तों में परिवर्तन करने या उन्हें प्रतिसंहृत करने की संसद की शक्ति' का प्रावधान करता है। यह सरकारी कर्मचारियों की भर्ती व सेवा शर्तों (309), बिना निष्पक्ष जांच के बर्खास्तगी से सुरक्षा (311), अखिल भारतीय सेवाओं (312), तथा संघ और राज्य लोक सेवा आयोगों (UPSC/State PSC, अनुच्छेद 315-323) की स्वतंत्रता और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली को सुनिश्चित करता है।

अनुच्छेद 313
Part XIV

संक्रमणकालीन उपबंध

संविधान के भाग XIV (संघ और राज्यों के अधीन सेवाएं) का अनुच्छेद 313 'संक्रमणकालीन उपबंध' का प्रावधान करता है। यह सरकारी कर्मचारियों की भर्ती व सेवा शर्तों (309), बिना निष्पक्ष जांच के बर्खास्तगी से सुरक्षा (311), अखिल भारतीय सेवाओं (312), तथा संघ और राज्य लोक सेवा आयोगों (UPSC/State PSC, अनुच्छेद 315-323) की स्वतंत्रता और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली को सुनिश्चित करता है।

अनुच्छेद 315
Part XIV

संघ और राज्यों के लिए लोक सेवा आयोग (UPSC एवं राज्य PSC)

संविधान के भाग XIV (संघ और राज्यों के अधीन सेवाएं) का अनुच्छेद 315 'संघ और राज्यों के लिए लोक सेवा आयोग (UPSC एवं राज्य PSC)' का प्रावधान करता है। यह सरकारी कर्मचारियों की भर्ती व सेवा शर्तों (309), बिना निष्पक्ष जांच के बर्खास्तगी से सुरक्षा (311), अखिल भारतीय सेवाओं (312), तथा संघ और राज्य लोक सेवा आयोगों (UPSC/State PSC, अनुच्छेद 315-323) की स्वतंत्रता और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली को सुनिश्चित करता है।

अनुच्छेद 316
Part XIV

लोक सेवा आयोग के सदस्यों की नियुक्ति और पदावधि

संविधान के भाग XIV (संघ और राज्यों के अधीन सेवाएं) का अनुच्छेद 316 'लोक सेवा आयोग के सदस्यों की नियुक्ति और पदावधि' का प्रावधान करता है। यह सरकारी कर्मचारियों की भर्ती व सेवा शर्तों (309), बिना निष्पक्ष जांच के बर्खास्तगी से सुरक्षा (311), अखिल भारतीय सेवाओं (312), तथा संघ और राज्य लोक सेवा आयोगों (UPSC/State PSC, अनुच्छेद 315-323) की स्वतंत्रता और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली को सुनिश्चित करता है।

अनुच्छेद 317
Part XIV

लोक सेवा आयोग के किसी सदस्य का हटाया जाना और निलंबित किया जाना

संविधान के भाग XIV (संघ और राज्यों के अधीन सेवाएं) का अनुच्छेद 317 'लोक सेवा आयोग के किसी सदस्य का हटाया जाना और निलंबित किया जाना' का प्रावधान करता है। यह सरकारी कर्मचारियों की भर्ती व सेवा शर्तों (309), बिना निष्पक्ष जांच के बर्खास्तगी से सुरक्षा (311), अखिल भारतीय सेवाओं (312), तथा संघ और राज्य लोक सेवा आयोगों (UPSC/State PSC, अनुच्छेद 315-323) की स्वतंत्रता और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली को सुनिश्चित करता है।

अनुच्छेद 318
Part XIV

आयोग के सदस्यों और कर्मचारिवृंद की सेवा की शर्तों के बारे में विनियम बनाने की शक्ति

संविधान के भाग XIV (संघ और राज्यों के अधीन सेवाएं) का अनुच्छेद 318 'आयोग के सदस्यों और कर्मचारिवृंद की सेवा की शर्तों के बारे में विनियम बनाने की शक्ति' का प्रावधान करता है। यह सरकारी कर्मचारियों की भर्ती व सेवा शर्तों (309), बिना निष्पक्ष जांच के बर्खास्तगी से सुरक्षा (311), अखिल भारतीय सेवाओं (312), तथा संघ और राज्य लोक सेवा आयोगों (UPSC/State PSC, अनुच्छेद 315-323) की स्वतंत्रता और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली को सुनिश्चित करता है।

अनुच्छेद 319
Part XIV

आयोग के सदस्यों द्वारा ऐसे सदस्य न रहने पर पद धारण करने के संबंध में प्रतिषेध

संविधान के भाग XIV (संघ और राज्यों के अधीन सेवाएं) का अनुच्छेद 319 'आयोग के सदस्यों द्वारा ऐसे सदस्य न रहने पर पद धारण करने के संबंध में प्रतिषेध' का प्रावधान करता है। यह सरकारी कर्मचारियों की भर्ती व सेवा शर्तों (309), बिना निष्पक्ष जांच के बर्खास्तगी से सुरक्षा (311), अखिल भारतीय सेवाओं (312), तथा संघ और राज्य लोक सेवा आयोगों (UPSC/State PSC, अनुच्छेद 315-323) की स्वतंत्रता और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली को सुनिश्चित करता है।

अनुच्छेद 321
Part XIV

लोक सेवा आयोगों के कृत्यों का विस्तार करने की शक्ति

संविधान के भाग XIV (संघ और राज्यों के अधीन सेवाएं) का अनुच्छेद 321 'लोक सेवा आयोगों के कृत्यों का विस्तार करने की शक्ति' का प्रावधान करता है। यह सरकारी कर्मचारियों की भर्ती व सेवा शर्तों (309), बिना निष्पक्ष जांच के बर्खास्तगी से सुरक्षा (311), अखिल भारतीय सेवाओं (312), तथा संघ और राज्य लोक सेवा आयोगों (UPSC/State PSC, अनुच्छेद 315-323) की स्वतंत्रता और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली को सुनिश्चित करता है।

अनुच्छेद 322
Part XIV

लोक सेवा आयोगों के व्यय

संविधान के भाग XIV (संघ और राज्यों के अधीन सेवाएं) का अनुच्छेद 322 'लोक सेवा आयोगों के व्यय' का प्रावधान करता है। यह सरकारी कर्मचारियों की भर्ती व सेवा शर्तों (309), बिना निष्पक्ष जांच के बर्खास्तगी से सुरक्षा (311), अखिल भारतीय सेवाओं (312), तथा संघ और राज्य लोक सेवा आयोगों (UPSC/State PSC, अनुच्छेद 315-323) की स्वतंत्रता और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली को सुनिश्चित करता है।

अनुच्छेद 323
Part XIV

लोक सेवा आयोगों के प्रतिवेदन

संविधान के भाग XIV (संघ और राज्यों के अधीन सेवाएं) का अनुच्छेद 323 'लोक सेवा आयोगों के प्रतिवेदन' का प्रावधान करता है। यह सरकारी कर्मचारियों की भर्ती व सेवा शर्तों (309), बिना निष्पक्ष जांच के बर्खास्तगी से सुरक्षा (311), अखिल भारतीय सेवाओं (312), तथा संघ और राज्य लोक सेवा आयोगों (UPSC/State PSC, अनुच्छेद 315-323) की स्वतंत्रता और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली को सुनिश्चित करता है।

अनुच्छेद 323A
Part XIV-A

प्रशासनिक अधिकरण (Administrative Tribunals)

42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा जोड़े गए भाग XIV-A (अधिकरण) का अनुच्छेद 323A 'प्रशासनिक अधिकरण (Administrative Tribunals)' का उपबंध करता है। यह सरकारी कर्मचारियों के सेवा विवादों के त्वरित निपटारे के लिए प्रशासनिक अधिकरण (CAT - अनुच्छेद 323A) तथा कर, श्रम, भूमि सुधार व अन्य मामलों के लिए विशेष अधिकरण (अनुच्छेद 323B) स्थापित करने का अधिकार देता है।

अनुच्छेद 323B
Part XIV-A

अन्य विषयों के लिए अधिकरण (Tribunals for other matters)

42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा जोड़े गए भाग XIV-A (अधिकरण) का अनुच्छेद 323B 'अन्य विषयों के लिए अधिकरण (Tribunals for other matters)' का उपबंध करता है। यह सरकारी कर्मचारियों के सेवा विवादों के त्वरित निपटारे के लिए प्रशासनिक अधिकरण (CAT - अनुच्छेद 323A) तथा कर, श्रम, भूमि सुधार व अन्य मामलों के लिए विशेष अधिकरण (अनुच्छेद 323B) स्थापित करने का अधिकार देता है।

अनुच्छेद 324
Part XV

निर्वाचनों के अधीक्षण, निदेशन और नियंत्रण का निर्वाचन आयोग (Election Commission) में निहित होना

अनुच्छेद 324 देश में निष्पक्ष चुनावों की रीढ़ है। यह चुनाव आयोग को सरकार से स्वतंत्र होकर चुनाव कराने की पूरी शक्ति देता है। सत्ताधारी दल चुनाव आयोग पर दबाव न बना सके, इसके लिए मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को सुप्रीम कोर्ट के जज की तरह संसद के महाभियोग के बिना नहीं हटाया जा सकता।

सार्वजनिक डोमेन (Public Domain) एवं वैधानिक प्रामाणिकता सूचना

भारतीय प्रतिलिप्यधिकार अधिनियम (Copyright Act), 1957 की धारा 52(1)(q) के अंतर्गत भारत का संविधान, संसदीय अधिनियम, राजपत्र अधिसूचनाएं तथा उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालयों के निर्णय सार्वजनिक डोमेन (Public Domain) में हैं। यह पाठ विधायी विभाग, विधि और न्याय मंत्रालय, भारत सरकार (India Code) के आधिकारिक अभिलेखों पर आधारित है।

EN-IN • STUDIO VOICE
Preparing studio neural voice...