संविधान के भाग XVII (राजभाषा) का अनुच्छेद 343 'संघ की राजभाषा' का उपबंध करता है। यह संघ की राजभाषा (343), राज्यों की अपनी आधिकारिक भाषाओं (345-347), सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट की न्यायिक भाषा (348), किसी भी भाषा में अपनी शिकायत/अभ्यावेदन देने के नागरिक अधिकार (350) और मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा की सुविधा (350A) को संरक्षित करता है।
संविधान के भाग XVII (राजभाषा) का अनुच्छेद 344 'राजभाषा के संबंध में आयोग और संसद की समिति' का उपबंध करता है। यह संघ की राजभाषा (343), राज्यों की अपनी आधिकारिक भाषाओं (345-347), सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट की न्यायिक भाषा (348), किसी भी भाषा में अपनी शिकायत/अभ्यावेदन देने के नागरिक अधिकार (350) और मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा की सुविधा (350A) को संरक्षित करता है।
संविधान के भाग XVII (राजभाषा) का अनुच्छेद 345 'राज्य की राजभाषा या राजभाषाएं' का उपबंध करता है। यह संघ की राजभाषा (343), राज्यों की अपनी आधिकारिक भाषाओं (345-347), सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट की न्यायिक भाषा (348), किसी भी भाषा में अपनी शिकायत/अभ्यावेदन देने के नागरिक अधिकार (350) और मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा की सुविधा (350A) को संरक्षित करता है।
संविधान के भाग XVII (राजभाषा) का अनुच्छेद 346 'एक राज्य और दूसरे राज्य के बीच या किसी राज्य और संघ के बीच पत्रादि की राजभाषा' का उपबंध करता है। यह संघ की राजभाषा (343), राज्यों की अपनी आधिकारिक भाषाओं (345-347), सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट की न्यायिक भाषा (348), किसी भी भाषा में अपनी शिकायत/अभ्यावेदन देने के नागरिक अधिकार (350) और मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा की सुविधा (350A) को संरक्षित करता है।
संविधान के भाग XVII (राजभाषा) का अनुच्छेद 347 'किसी राज्य की जनसंख्या के किसी अनुभाग द्वारा बोली जाने वाली भाषा के संबंध में विशेष उपबंध' का उपबंध करता है। यह संघ की राजभाषा (343), राज्यों की अपनी आधिकारिक भाषाओं (345-347), सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट की न्यायिक भाषा (348), किसी भी भाषा में अपनी शिकायत/अभ्यावेदन देने के नागरिक अधिकार (350) और मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा की सुविधा (350A) को संरक्षित करता है।
संविधान के भाग XVII (राजभाषा) का अनुच्छेद 348 'उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों में और अधिनियमों, विधेयकों आदि के लिए प्रयोग की जाने वाली भाषा' का उपबंध करता है। यह संघ की राजभाषा (343), राज्यों की अपनी आधिकारिक भाषाओं (345-347), सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट की न्यायिक भाषा (348), किसी भी भाषा में अपनी शिकायत/अभ्यावेदन देने के नागरिक अधिकार (350) और मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा की सुविधा (350A) को संरक्षित करता है।
संविधान के भाग XVII (राजभाषा) का अनुच्छेद 349 'भाषा से संबंधित कुछ विधियां अधिनियमित करने के लिए विशेष प्रक्रिया' का उपबंध करता है। यह संघ की राजभाषा (343), राज्यों की अपनी आधिकारिक भाषाओं (345-347), सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट की न्यायिक भाषा (348), किसी भी भाषा में अपनी शिकायत/अभ्यावेदन देने के नागरिक अधिकार (350) और मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा की सुविधा (350A) को संरक्षित करता है।
संविधान के भाग XVII (राजभाषा) का अनुच्छेद 350 'व्यथा के निवारण के लिए अभ्यावेदन में प्रयोग की जाने वाली भाषा' का उपबंध करता है। यह संघ की राजभाषा (343), राज्यों की अपनी आधिकारिक भाषाओं (345-347), सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट की न्यायिक भाषा (348), किसी भी भाषा में अपनी शिकायत/अभ्यावेदन देने के नागरिक अधिकार (350) और मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा की सुविधा (350A) को संरक्षित करता है।
संविधान के भाग XVII (राजभाषा) का अनुच्छेद 350A 'प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा में शिक्षा की सुविधाएं' का उपबंध करता है। यह संघ की राजभाषा (343), राज्यों की अपनी आधिकारिक भाषाओं (345-347), सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट की न्यायिक भाषा (348), किसी भी भाषा में अपनी शिकायत/अभ्यावेदन देने के नागरिक अधिकार (350) और मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा की सुविधा (350A) को संरक्षित करता है।
संविधान के भाग XVII (राजभाषा) का अनुच्छेद 350B 'भाषाई अल्पसंख्यक-वर्गों के लिए विशेष अधिकारी' का उपबंध करता है। यह संघ की राजभाषा (343), राज्यों की अपनी आधिकारिक भाषाओं (345-347), सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट की न्यायिक भाषा (348), किसी भी भाषा में अपनी शिकायत/अभ्यावेदन देने के नागरिक अधिकार (350) और मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा की सुविधा (350A) को संरक्षित करता है।
संविधान के भाग XVII (राजभाषा) का अनुच्छेद 351 'हिंदी भाषा के विकास के लिए निदेश' का उपबंध करता है। यह संघ की राजभाषा (343), राज्यों की अपनी आधिकारिक भाषाओं (345-347), सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट की न्यायिक भाषा (348), किसी भी भाषा में अपनी शिकायत/अभ्यावेदन देने के नागरिक अधिकार (350) और मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा की सुविधा (350A) को संरक्षित करता है।
सार्वजनिक डोमेन (Public Domain) एवं वैधानिक प्रामाणिकता सूचना
भारतीय प्रतिलिप्यधिकार अधिनियम (Copyright Act), 1957 की धारा 52(1)(q) के अंतर्गत भारत का संविधान, संसदीय अधिनियम, राजपत्र अधिसूचनाएं तथा उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालयों के निर्णय सार्वजनिक डोमेन (Public Domain) में हैं। यह पाठ विधायी विभाग, विधि और न्याय मंत्रालय, भारत सरकार (India Code) के आधिकारिक अभिलेखों पर आधारित है।